अपना बिज़नेस शुरू करने से पहले इन 6 बातों का ध्यान रखें


भारत में नए व्यवसायों की संख्या बढ़ रही है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-2022 में 167,000 से अधिक कंपनियों की स्थापना की गई, जो 3 वर्षों में सबसे अधिक है।

एक सफल बिज़नेस को बनाने के लिए एक अच्छा बिज़नेस आइडिया और एक विस्तृत योजना का होना महत्वपूर्ण है। अब भारत में एमएसएमई को ही देख लीजिये। किसी भी क्षेत्र में एक कंपनी को शुरू करने के लिए काफ़ी जानकारी चाहिए। व्यवसायियों को बहुत सारी बातों का ध्यान रखना होता है जैसे की – फाइनेंस, भर्ती, कानूनी जानकारी, मार्केटिंग और विज्ञापन इत्यादि ।

खुद का बिज़नेस शुरू करना एक एक साहसिक और रोमांचक अनुभव है। बिज़नेस मालिकों को अक्सर ऐसा कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्होंने बिज़नेस के बारे में प्रशिक्षण के ज़्यादा परिस्थितियों से सीखा है। इसीलिए हम आपके लिए लाये हैं कुछ ऐसी सरल और असरदार टिप्स जो आपको अपना बिज़नेस स्टार्ट करने में मदद कर सकती हैं – 

विषय सूची

  1. शुरुआत करते समय आय (इनकम) का एक वैकल्पिक स्रोत रखने का प्रयास करें
  2. अपने बिज़नेस आईडिया का मार्केट में परीक्षण करें
  3. एक विस्तृत बिज़नेस प्लैन बनाएं
  4. क़ानून व सरकारी नियमों को जानें 
  5. कैश फ्लो को ठीक से समझें
  6. एक मज़बूत नेटवर्क बनाएं

1.शुरुआत करते समय आय (इनकम) का एक वैकल्पिक स्रोत रखने का प्रयास करें

काग़ज़ पर आपका बिज़नेस आईडिया चाहे कितना भी अच्छा क्यों न लगे, उसकी सफलता बहुत सारे पहलुओं पर निर्भर करती है और इसमें काफ़ी रिस्क भी होता है । सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-2022 के दौरान लगभग 6,000 व्यवसाय बंद हो गए।

आप अपनी मौजूदा नौकरी के साथ अपना व्यवसाय शुरू करने पर विचार कर सकते हैं (बशर्ते इसे आपकी कंपनी के मानव संसाधन (HR) विभाग द्वारा मंज़ूरी दे दी गई हो, और यह मूनलाइटिंग* के अंतर्गत नहीं आता हो )। आप भारत की तेज़ी से बढ़ती गिग-इकॉनमी का लाभ उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए आप बिज़नेस के साथ एक फ्रीलांसर के तौर पर कुछ प्रोजेक्ट करते रहें। इससे आपके के पास कठिन समय में भी पैसों कि कमी नहीं होगी। आप बचत योजनाओं और अलग-अलग निवेश के तरीकों का फायदा उठा सकते हैं जो आपको लंबी और छोटी अवधि में लाभ पहुंचा सकते हैं। इस तरह मार्केट में अपने बिज़नेस आइडिया को आज़माते समय आपके पास आय का एक भरोसेमंद स्रोत होगा।

बिज़नेस चलाने के साथ-साथ नौकरी करना आसान नहीं है। इसमें काफ़ी समय देना पड़ता है और इसमें ज़्यादा शारीरिक और मानसिक थकान भी हो सकती है। हालांकि, ऐसा करने से आपको वित्तीय सुरक्षा, अपने बिलों का भुगतान करने या आपकी बचत समाप्त होने के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी ।

💡काम कि बात: अपने जीवन शैली और आपातकालीन खर्चे जैसे स्वास्थ्य सम्बंधित/ घर की मरम्मत/ अप्रत्याशित यात्रा, या किसी अन्य पारिवारिक आपात स्थिति को नज़रअंदाज़ न करें। याद रखें, आपका व्यवसाय पहले दिन से ही आपके सारे खर्चों का समर्थन नहीं करेगा, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके पास पर्याप्त फाइनेंशियल संसाधन हों ।

2.अपने बिज़नेस आईडिया का मार्केट में परीक्षण करें

एक सफल बिज़नेस आईडिया तीन उद्देश्यों की पूर्ति करता हैं – ग्राहकों की समस्या का समाधान, बाजार में किसी आपूर्ति को पूरा करना और ग्राहकों को लम्बे समय तक लाभ देना । आप अपने बिज़नेस आईडिया के परीक्षण के लिए आप SWOT तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आप अपने बिज़नेस की ताकत, कमजोरियां, अवसर और चुनौती को सही से पहचान पाएंगे।  

आप नीचे दिए गए मापदंडों के आधार पर अपने बिज़नेस आईडिया की परख कर सकते हैं:

  1. ताक़त – आपके व्यवसाय की विशेषता जैसे कि एक बेहतर उत्पाद, क़ीमत, बिक्री के बाद की सेवा, तक़नीक आदि।
  2. कमज़ोरियाँ – कॉम्पिटिशन की तुलना में आपके व्यवसाय में जिन चीज़ों की कमी हो सकती है जैसे – उत्पाद की गुणवत्ता, कर्मचारी, IP, सप्लाई चेन, आदि।
  3. अवसर – ये वह समस्याएं हैं जिसे आप ग्राहकों के लिए हल कर सकते हैं
  4. चुनौतियां – आपका व्यवसाय कई तरह की चुनौतियों का सामना कर सकता है जैसे कि बड़ी/छोटी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा, नए ट्रेंड्स, क्वालिटी में गिरावट, कम मूल्य में दूसरी कंपनी का सामान बेचना, आदि।

💡काम कि बात: SWOT तक़नीक एक अच्छा तरीका है यह अंदाज़ा लगाने के लिए आपका बिज़नेस आईडिया ग्राहकों के बीच सफल होगा भी या नहीं या नहीं। इस तरह आप अपनी कमजोरियों को ताकत और अवसरों में बदल सकते हैं।

3.एक विस्तृत बिज़नेस प्लैन बनाएं

बिज़नेस प्लैन को सरल शब्दों में समझें तो यह एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता हैं जिसमें किसी बिज़नेस की रणनीति लिखी जाती है।

बिज़नेस प्लैन का इस्तेमाल निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाता है:  

  1. लक्ष्य निर्धारण करना (छोटी या लम्बी अवधी के लिए)
  2. निवेश बढ़ाने के लिए 
  3. कंपनी के विभिन्न विभागों को एक साथ लाने के लिए – प्रोडक्ट/सर्विस, मार्केटिंग और एडवर्टाइज़िंग, हायरिंग, और फाईनांस

आप अपने बिज़नेस प्लैन में इस भागों को ज़रूर शामिल करें:

  1. Executive Summary (कार्यकारी सारांश): इस भाग में अपनी कंपनी का वर्णन करें और लिखें कि आप क्या हासिल करना चाहते हैं
  2. मैनेजमेंट: इस भाग मैं अपने और अपनी टीम के बारे में लिखें 
  3. बिज़नेस संचालन: इस भाग में अपनी कंपनी की लोकेशन, प्रोडक्शन और IT सिस्टम के बारे में जानकारी दें 
  4. उत्पाद: यहाँ अपने प्रोडक्ट/सर्विस के मूल्य निर्धारण आदि का विवरण करें 
  5. बाज़ार का विश्लेषण: इस भाग में टारगेट मार्केट, ग्राहकों की अपेक्षाएं, प्रतिद्वंदियों के बारे में जानकारी दें 
  6. मार्केटिंग प्लैन: यहाँ अपनी कंपनी की मार्केटिंग रणनीति के बारे में लिखें 
  7. वित्तीय योजना: इस सेक्शन में अपनी फाइनेंशियल स्टेटमेंट, बैलेंस शीट, आदि की जानकारी दें 
  8. बजट: इस भाग में हायरिंग, डेवलपमेंट, उत्पादन, मार्केटिंग सहित अन्य ख़र्चों से संबंधित जानकारी दें 

💡काम कि बात: आपको लक्ष्यों (छोटी और लम्बी अवधि) को बिज़नेस प्लैन में ज़रूर शामिल करें ताकि आपके स्टेकहोल्डर आपके व्यवसाय के बारे में आश्वस्त महसूस करें।

4.क़ानून व सरकारी नियमों को समझें

बिज़नेस शुरू करने और चलाने से संबंधित भारतीय कानूनों और नियमों की जानकारी होना आपके लिए ज़रूरी है। आपको एग्रीमेंट, कॉन्ट्रैक्ट्स, Intellectual Property (IP) के संरक्षण के बारे में पता होना चाहिए। 

नीचे दिए क़ानूनों और नियमों का ध्यान ज़रूर रखें:

  1. कंपनी का नाम, स्ट्रक्चर और एग्रीमेंट 
  2. आपके व्यवसाय से जुड़े लाइसेंस 
  3. टैक्स और खातों की जानकारी  
  4. क़र्ज़ 
  5. कर्मचारियों से सम्बंधित ख़र्चे 
  6. रोज़गार नियम
  7. आयात और निर्यात
  8. कॉपीराइट पेटेंट और ट्रेडमार्क
  9. डेटा सुरक्षा
  10. चीज़ों की बर्बादी और उनका पर्यावरण पर प्रभाव  

💡काम कि बात: भारत में बिज़नेस स्थापित करने के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप स्टार्टअप इंडिया की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

5.कैश फ्लो को ठीक से समझें

कैश फ्लो या नकदी प्रवाह को सरल शब्दों में समझें तो यह किसी कंपनी से बहार जाने वाला पैसा या कंपनी के भीतर ट्रांसफर की गयी राशि होती है। जो नकदी कंपनी को प्राप्त होती है, वह इनफ्लो कहलाती है जबकि जो धन खर्च किया जाता है, वह आउटफ्लो होता है। यदि आपके बिज़नेस का कैशफ़्लो पॉज़िटिव है तो इसका मतलब है कि कंपनी में अधिक पैसा आ रहा है। एक नेगेटिव कैशफ़्लो का मतलब है कि अधिक पैसा कंपनी द्वारा ख़र्च हो रहा है।

अपनी कैश फ़्लो की स्थिति को सही ढंग से समझने के लिए इस टिप्स को अपनाएं:

  1. आपको नियमित रूप से नकदी के आने-जाने का विश्लेषण करना चाहिए
  2. अपने आउटफ़्लो पर नज़र रखें
  3. हर महीने न्यूनतम राशि की जांच कीजिये
  4. पॉज़िटिव कैश फ़्लो सुनिश्चित करने के लिए बिल आदि का देर से भुगतान करने से बचें
  5. आप अपने भुगतानों का सही प्रबंधन करने के लिए एकाउंटिंग और बुककीपिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकते हैं

एक मज़बूत कैश फ़्लो के कुछ फायदे नीचे दिए गए हैं:

  1. छोटा या बड़ा लोन आसानी से मैनेज हो जाता है 
  2. इससे व्यापार के विस्तार में मदद मिलती है
  3. आप ज़रुरत पड़ने पर अपने पैसों का सही उपयोग कर सकते हैं
  4. आप वित्तीय संकट से निपटने के लिए तैयार रह सकते है
  5. योजना बनाने और निर्णय लेने में सुधार होता है
  6. आपके व्यवसाय का मूल्य बढ़ सकता है

6.एक मज़बूत नेटवर्क बनाएं

एक बिज़नेस के लिए, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, नेटवर्किंग सबसे महत्वपूर्ण और सबसे ज़्यादा आज़माया हुआ तरीक़ा है। नेटवर्क बनाने में समय और बहुत मेहनत लगती है लेकिन एक व्यवसाय के लिए, यह बढ़ने के सबसे सफल तरीकों में से एक है। 

नेटवर्किंग के कुछ लाभ यहां दिए गए हैं:

  1. विचारों और ज्ञान का आदान-प्रदान
  2. पार्टनरशिप के नए अवसर
  3. संभावित ग्राहकों से संपर्क 
  4. रेफ़रल और नए लीड
  5. इंडस्ट्री से जुड़ी नयी तकनीक को आज़माने का मौका 
  6. नए बिज़नेस ट्रेंड की जानकारी 

निष्कर्ष

सभी व्यवसायी जानते हैं कि अवसर और आपदा कभी भी दस्तक दे सकते हैं। व्यवसाय शुरू करने से पहले, आपको समस्याओं का समाधान करने और स्थिरता और दीर्घकालिक सफलता के अवसरों को अपनाने की स्थिति में होना चाहिए।

शब्दकोष

मूनलाइटिंग का मतलब होता है, जिस कंपनी में आप काम करते हैं उसे बताये बिना किसी और कंपनी में काम करना या प्रतिद्वंदियों के लिए फ्रीलांसिंग करना। फाइनांस समाचार वेबसाइट Livemint में आप इस विषय पर ज़्यादा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

बिज़नेस से जुड़े और विषयों पर जानकारी के लिए आप हमारे इन ब्लोग्स को ज़रूर पढ़ें :

  1. कंपनी क्रेडिट स्कोर के बारे में जानने योग्य 6 महत्वपूर्ण बातें
  2. लगभग 50% भारतीय एमएसएमई पुराने दौर की बैंकिंग प्रणालियों के कारण समय बर्बाद करते हैं

गुरजोधपाल सिंह

गुरजोधपाल सिंह

CEO, Tide India

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